Showing posts with label Heart. Show all posts
Showing posts with label Heart. Show all posts

Monday, 30 April 2018

Dear Love

Dear Love,
          Please come out from my all imagination and hold my hand in yours to protect me from this world which is like hell. I want to be safe here just like our imaginary world.
           Sometimes I feel so alone here. Nobody understands me, nobody is loyal to me, everybody is trying to pull me back from my path to Dreams.
            I can't trust anyone here. I need you to be with me here in real. I'm breaking down. I need your hold, your hug, and the most important thing is........YOU. 💖
                                                           Your Love

Thursday, 24 August 2017

ये कैसा प्यार?


प्यार ना हुआ कोई खेल हो गया,
ये तो जैसे हाथों का मैल हो गया,
एक पल में देखा अगले ही पल Tell हो गया,
फेसबुक, व्हाट्सएप पर Proposal Sell हो गया,
मैंने कहा “ऐसे कैसे ये प्रेम हो गया?
कल तो देखा और आज फोटो frame हो गया”....
अरे! प्यार ना हुआ ये तो कोई खेल हो गया,
जैसे कोई हाथों का मैल हो गया...!!!

दोस्तों कि महफ़िलों में फेमस उसका Name हो गया,
सब कहने लगे ‘ये तो लड़की के चक्कर में Insane हो गया’....
बस यूँ ही करते-करते महिना Fab हो गया,
और लड़के का Messege लड़की को Send हो गया....
“पसंद करता हूँ तुम्हें, बहुत प्यार करूँगा,
औरों कि तरह नहीं हूँ, हमेशा साथ रहूँगा,
हाँ कर दो मुझे और बन जाओ मेरी GF (गर्लफ्रेंड),
Accept कर लो प्रोपोज़ल और बना लो मुझे BF (बॉयफ्रेंड)”

प्रोपोज़ल उसका बस यूँ देखते ही देखते Breaking News हो गया,
लड़की ने किया Block, और प्रोपोज़ल Refuse हो गया,
बस ये देखकर लड़के का जोश On हो गया,
कुछ दिन को किया लड़की को बदनाम और परेशान,
फ़िर Move On हो गया...
“तू ना सही तो अगली को पटायेंगे |
Social प्रेम कि बगियाँ कहीं और खिलाएँगे ||”

यही सब तो आजकल का Trend हो गया,
और प्यार का Real में End हो गया.....
अरे! प्यार ना हुआ ये तो कोई खेल हो गया,
जैसे कोई हाथों का मैल हो गया...!!!

#Devprabha_Paridhi

Saturday, 1 July 2017

कभी कभी वो बहुत याद आते है...

This time poem is dedicated to my special friend Arun Ji ❤❤❤


अक्सर कभी तन्हाई में वो बहुत याद आते है,
यांदो के भँवर मे जब हम गोते लगाते है,
कभी बारिश में गिरते ओलो में,
तो कभी sandwitch कि cheese मे याद आते है,
कभी कभी वो बहुत याद आते है...

दौड़ती सड़कों पर जब ख़ुद को अकेला पाते हैं,
बगल कि सीट पर हमेशा उनको ढूंढ़ते है,
ज़िंदगी से जब हारने लगते हैं,
वही उनके lessions दोहराते हैं,
कभी कभी वो बहुत याद आते है...

जब भी ‘WIIIFM?’ का जवाब चाहते हैं,
‘एक आप ही तो नहीं हैं ना जनाब’ पाते हैं,
बातें उनकी हर वक़्त सुन पाते हैं,
बस वही क्यों दूर नज़र आते हैं,
कभी कभी वो बहुत याद आते है...

#Devprabha_Paridhi

Thursday, 6 April 2017

Love in The Broken Heart

   
   लगती हो तुम ऐसे जैसे,
कोई चाँद फ़लक पे हो वैसे,
आसमां भी चुपके से तुझको झुकके देखा करे,
क्या तारे भी चमका करते
देख तुझे शरमाते हुए,
तेरे नूर से ही रोशन हुए,
मेरी ज़िंदगी के हर नगमे,
........
तेरे चेहरे की वो लालिमा,
हर शाम ढले सूरज में दिखे,
देखूं मैं जब भी आईना,
मुझमें तेरा क्यों रूप दिखे,
रातों को चाँद मुझे पूछे-
“क्यों आँखे नम कर लेती हो...
दिल में जो ख़्वाब पिरोये है...
क्यों उन्हें टूटने देती हो...
इस प्रेम मिलन की बेला में...
मुझको भी चाँदनी मिलती है...
तेरा तो प्यार अनूठा है...
फ़िर क्यों वो तुझसे रूठा है...”
कुछ सोचके, उसको समझाऊँ,
“ऐ चाँद तुझे क्या बतलाऊँ...
किस्मत ने खेल जो खेला है..
उस प्यार को जितना प्यार किया...
उतना ही दर्द भी झेला है...
रूठा तो नहीं है वो मुझसे...
रूठी अब मैं ही हूँ खुदसे...
क्यों प्यार किया मैंने इतना...
जब दूर उसे जाना ही था...
तेरी रातों के सपनों जैसे...
मेरे ख्वाबों को भी टूट जाना था...
हर रात तुझे एक आस रहे...
कि चाँदनी तुझसे मिलती है...
मेरा तो अब कोई ख़्वाब नहीं...
बस मेरे सपने और तन्हाई है...
..............
हँसती तो होगी हर महफ़िल मुझपे,
क्या देखो इसका हाल हुआ,
बड़ी प्यार की माला जपती थी,
प्यार में ही सब बर्बाद हुआ,
इतने पे भी यूं सितम देखो,
वो प्यार हमारा पूछे हमसे,
‘कैसे है हाल दीवानों के,
कोई खबर नहीं आई कबसे’
..............
वो क्या समझेंगे हाल मेरा,
अब उम्मीद नहीं ये हमें उनसे,
एक दिन याद तो आयेगी,
जब बिछड़ेंगे हम भी उनसे,
..............
उनका कुछ दोष नहीं यारों,
गलती शायद मैंने ही की,
रोका होता ख़ुद को पहले,
तो शायद मैं भी खुश होती,
अब सोच लिया है मैंने भी,
इन सबसे दूर चले जाना,
ख़ुद को ही है ख़ुद में पाना,


बस ख़ुद को ही है खो देना...!!!
#Devprabha_Paridhi

Monday, 7 November 2016

सपने


हमनें भी थे देखे सपने,
कुछ छोटे कुछ बड़े कई,
चाहत थी बस साथ हो अपने,
चाहत ना पूरी हुई वही,
ज़ुनून फ़िर भी कम ना हुआ,
बस टूटे जब भी तो वजह थी वही,
हमनें भी थे देखे सपने कई...!!! L

प्यार


ये प्यार का खेल निराला है,
हमें कभी समझ ना आने वाला है,
कभी प्यार पे यकीं दिलाये वो,
कभी ख़ुद ही छोड़ चला जाये वो,
जब कहे कोई उन्हें बेवफ़ा,
फ़िर लौट कही से आ जाये वो,
क्या कहूं इसे...ये तू ही बता,
गर है प्यार तुझे तो तू भी जता,
समझाना मुझको तो आता नहीं,
क्या मेरे आँसू तुझे दिखते नहीं,
चाहा है तुम्हें ख़ुद से ज़्यादा,
ए काश! तू फ़िर से लौट के आ,
बंधन सारे अब तोड़ के आ,
इस बार ना तुझे जाने दूंगी,
तुझमें ख़ुद को मैं पा लूँगी,
मैंने माँग लिया है रब से तुझे,
हम जनम जनम बस प्यार करे...!!!
#Devprabha_Paridhi

Sunday, 10 April 2016

#Love - Lies in Silence_1


लिख दूँ किताब तेरे लिए ए दोस्त,
पर दिल नहीं चाहता तुझे कोई और पढ़े मेरे सिवा... 

Author - RV Singh