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Thursday, 6 April 2017

Love in The Broken Heart

   
   लगती हो तुम ऐसे जैसे,
कोई चाँद फ़लक पे हो वैसे,
आसमां भी चुपके से तुझको झुकके देखा करे,
क्या तारे भी चमका करते
देख तुझे शरमाते हुए,
तेरे नूर से ही रोशन हुए,
मेरी ज़िंदगी के हर नगमे,
........
तेरे चेहरे की वो लालिमा,
हर शाम ढले सूरज में दिखे,
देखूं मैं जब भी आईना,
मुझमें तेरा क्यों रूप दिखे,
रातों को चाँद मुझे पूछे-
“क्यों आँखे नम कर लेती हो...
दिल में जो ख़्वाब पिरोये है...
क्यों उन्हें टूटने देती हो...
इस प्रेम मिलन की बेला में...
मुझको भी चाँदनी मिलती है...
तेरा तो प्यार अनूठा है...
फ़िर क्यों वो तुझसे रूठा है...”
कुछ सोचके, उसको समझाऊँ,
“ऐ चाँद तुझे क्या बतलाऊँ...
किस्मत ने खेल जो खेला है..
उस प्यार को जितना प्यार किया...
उतना ही दर्द भी झेला है...
रूठा तो नहीं है वो मुझसे...
रूठी अब मैं ही हूँ खुदसे...
क्यों प्यार किया मैंने इतना...
जब दूर उसे जाना ही था...
तेरी रातों के सपनों जैसे...
मेरे ख्वाबों को भी टूट जाना था...
हर रात तुझे एक आस रहे...
कि चाँदनी तुझसे मिलती है...
मेरा तो अब कोई ख़्वाब नहीं...
बस मेरे सपने और तन्हाई है...
..............
हँसती तो होगी हर महफ़िल मुझपे,
क्या देखो इसका हाल हुआ,
बड़ी प्यार की माला जपती थी,
प्यार में ही सब बर्बाद हुआ,
इतने पे भी यूं सितम देखो,
वो प्यार हमारा पूछे हमसे,
‘कैसे है हाल दीवानों के,
कोई खबर नहीं आई कबसे’
..............
वो क्या समझेंगे हाल मेरा,
अब उम्मीद नहीं ये हमें उनसे,
एक दिन याद तो आयेगी,
जब बिछड़ेंगे हम भी उनसे,
..............
उनका कुछ दोष नहीं यारों,
गलती शायद मैंने ही की,
रोका होता ख़ुद को पहले,
तो शायद मैं भी खुश होती,
अब सोच लिया है मैंने भी,
इन सबसे दूर चले जाना,
ख़ुद को ही है ख़ुद में पाना,


बस ख़ुद को ही है खो देना...!!!
#Devprabha_Paridhi

Monday, 7 November 2016

प्यार


ये प्यार का खेल निराला है,
हमें कभी समझ ना आने वाला है,
कभी प्यार पे यकीं दिलाये वो,
कभी ख़ुद ही छोड़ चला जाये वो,
जब कहे कोई उन्हें बेवफ़ा,
फ़िर लौट कही से आ जाये वो,
क्या कहूं इसे...ये तू ही बता,
गर है प्यार तुझे तो तू भी जता,
समझाना मुझको तो आता नहीं,
क्या मेरे आँसू तुझे दिखते नहीं,
चाहा है तुम्हें ख़ुद से ज़्यादा,
ए काश! तू फ़िर से लौट के आ,
बंधन सारे अब तोड़ के आ,
इस बार ना तुझे जाने दूंगी,
तुझमें ख़ुद को मैं पा लूँगी,
मैंने माँग लिया है रब से तुझे,
हम जनम जनम बस प्यार करे...!!!
#Devprabha_Paridhi

Friday, 7 October 2016

सिर्फ तुम


बातें तुझसे हो ना हो,
बातों में मेरी *सिर्फ तुम*

महफिल में रहूँ मैं तन्हा सी,
तन्हाई में मेरी *सिर्फ तुम*

चेहरे पर रखूँ मैं कितनी हँसी,
अश्कों में मेरी *सिर्फ तुम*

ए काश कभी तू भी तो समझ,
हर दिन, हर पल, मेरी हर साँस में *सिर्फ तुम*

#Devprabha_Paridhi