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Saturday, 1 July 2017

कभी कभी वो बहुत याद आते है...

This time poem is dedicated to my special friend Arun Ji ❤❤❤


अक्सर कभी तन्हाई में वो बहुत याद आते है,
यांदो के भँवर मे जब हम गोते लगाते है,
कभी बारिश में गिरते ओलो में,
तो कभी sandwitch कि cheese मे याद आते है,
कभी कभी वो बहुत याद आते है...

दौड़ती सड़कों पर जब ख़ुद को अकेला पाते हैं,
बगल कि सीट पर हमेशा उनको ढूंढ़ते है,
ज़िंदगी से जब हारने लगते हैं,
वही उनके lessions दोहराते हैं,
कभी कभी वो बहुत याद आते है...

जब भी ‘WIIIFM?’ का जवाब चाहते हैं,
‘एक आप ही तो नहीं हैं ना जनाब’ पाते हैं,
बातें उनकी हर वक़्त सुन पाते हैं,
बस वही क्यों दूर नज़र आते हैं,
कभी कभी वो बहुत याद आते है...

#Devprabha_Paridhi

Tuesday, 12 April 2016

#Love - Lies in Silence_4

Love Lies in Silence

इतना भी नाम ना कर मेरा तेरे दीवानों में,
की जिस गली से गुज़रू...
तेरे नाम से लोग मुझे पहचानने लगें...!!!
Author - RV Singh

Monday, 11 April 2016

#Love - Lies in Silence_3


Painful Love

कितना अजीब दर्द है मेरी ज़िंदगी का,
हम उन्हें पा ना सके,जिन्हें खोने का डर हमें सताया जा रहा है...!!!
Author - RV Singh

Sunday, 10 April 2016

#Love - Lies in Silence_2


दूर ही सही,एहसास तो है उन्हें मेरे दर्द का,
अब तो ये दर्द भी मेरे लिए ज़रिया है ख़ुशी का....
Author - RV Singh

#Love - Lies in Silence_1


लिख दूँ किताब तेरे लिए ए दोस्त,
पर दिल नहीं चाहता तुझे कोई और पढ़े मेरे सिवा... 

Author - RV Singh