काश! तुम ये समझ पाते,
काश! तुम वो समझ जाते...
पर तुम ना समझ पाये,
फ़िर भी ठीक ही है सब कुछ,
जो तुम सब समझ जाते,
तो फ़िर यूं जी भी ना
पाते,
और शायद.....
तब मैं भी ना जी पाती
तुम्हारे बिन,
ये जो तन्हाई यूं आराम से
कटती है अकेले बैठकर,
वो बिन तुम्हारे फ़िर इतनी
सरल तो ना होती,
फ़िर....
कुछ यादें, वो बातें, कुछ
रस्में और वादे,
सब घेरते मुझे हर दम,
और छीन लेते मुझसे मेरी
तन्हाई,
और हर इक़ गम...
पर जो तुम ना समझ पाये,
तो ही ठीक है सब कुछ....
काश! तुम ये समझ पाते,
काश! तुम वो समझ जाते...
#Devprabha_Paridhi

