यह त्योहार तभी सही मायनों में खूबसूरत होगा जब बहन का सम्मान और भाई का चरित्र दोनों कायम रहे। यह रेशमी धागा सिर्फ धागा नहीं है। राखी की इस महीन डोरी में विश्वास, सहारा और प्यार गुंफित हैं और कलाई पर बंधकर यह डोरी प्रतिदान में भी यही तीन अनुभूतियां ...
from साहित्य https://ift.tt/2wjeVeJ
No comments:
Post a Comment