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Monday, 21 January 2019

खंज़र


वो हाथों में लिये खोजते है,
हम खंज़र से अपने ही का गला है|

Sunday, 20 January 2019

औरत


मैं औरत हूँ और ‘इनकार’ करती हूँ,

यही इक़ बात ज़माने को रास नहीं आती|