Friday, 21 April 2017

बिटिया मेरी, आँख का तारा

बिटिया मेरी, आँख का तारा
जान से प्यारी, नाज़ो से पाला.......

सादगी उसमें है, खुशिया भी उससे
रिश्तो मे सारे ही रिश्ते उसी से है,
ममता कि छाँव वो, बहना का लाड़ भी,
प्यारी सी साथी है, बेटी का रूप भी,
हर ख़ुशी, हर गम मे, साथ रहे,
बिन तेरे तो सुने है धरती और अम्बर भी,
बिटिया मेरी, आँख का तारा
जान से प्यारी है,नाज़ो से पाला..........

उसकी इक हँसी, हर गम भुला देती
दौड़ती भागती, जब पास वो है आती
कितनी वो शीतल है, निश्छल और चंचल है,
उसमे वो ताकत, जो, घर को महल कर दे,
उसने ही मुझको जीना सिखाया
वो ही तो धुप मे,ठंडी सी छाया
बिटिया मेरी, आँख का तारा
जान से प्यारी है,नाज़ो से पाला..........

ना दर्द मिले, ना भीगे आँचल तेरा
हर दिन हो ख़ुशियों का सवेरा,
बिटिया से ही होगा उजियारा,
जीवन दो उसे सबसे प्यारा,
बचा लो उसे जिसने मारा,
लौटा दो उसे ये जग सारा,
बिटिया मेरी, आँख का तारा
जान से प्यारी है,नाज़ो से पाला..........

#Devprabha_Paridhi

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