बातें तुझसे हो ना हो,
बातों में मेरी *सिर्फ तुम*
महफिल में रहूँ मैं तन्हा सी,
तन्हाई में मेरी *सिर्फ तुम*
चेहरे पर रखूँ मैं कितनी हँसी,
अश्कों में मेरी *सिर्फ तुम*
ए काश कभी तू भी तो समझ,
हर दिन, हर पल, मेरी हर साँस में *सिर्फ तुम*
#Devprabha_Paridhi