कभी जो निराशा तुझे घेर ले,
ख़ुशियों का दामन मुँह फेर ले,
लगे यूं तुझे की है सब कुछ ख़त्म,
अब जिंदगी में है बस ज़ख्म ही ज़ख्म,
सारी हिम्मत तेरी जब टूटने लगे,
अपने तुझसे जब रूठने लगे,
लाख कोशिश भी बेईमानी लगने लगे,
और सब कुछ कहानी लगने लगे,
फ़िर भी उसी मोड़ पर मैं मिलूंगा तुझे,
जहाँ से ये दुनिया तुझे फ़िर सुहानी लगे |
बस तू आँखों को कर लेना बंद इस तरह,
की तस्वीर पर हो एक समतल सतह,
आशा के उजाले फ़िर नजर आयेंगे,
तेरा हाथ पकड़े वो दिख जायेंगे |
वो जो निराशा को आशा में बदल देता है,
तेरी झोली को ख़ुशियों से भर देता है,
वो ईश्वर है मेरा, वो ताकत है मेरी |
वो श्रद्धा, विश्वास की मूरत है मेरी ||
तुझे मेरे ईश्वर है शत-शत नमन,
दे आशीर्वाद में वो ताकत जो कर दे सारी बुराइयों का
दमन |
-DJ Paridhi

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