Monday, 8 April 2019

वो

वक़्त, बेवक़्त, मेरे पास है वो
हर घड़ी, हर लम्हें में आफ़ताब है वो,
कभी क़िस्सा, कभी कहानी, तो कभी क़िताब है वो,
मेरी चाहत, बहुत लाज़वाब है वो,
कभी आँखों में, कभी चेहरे पे
बिखरा नायाब है वो,
उसे भूलूँ तो भी कैसे
मेरे हर तरफ़ गुलज़ार है वो।
#Devprabha_Paridhi