Friday, 24 August 2018

फ़राज़ की शायरी में घुमा-फ़िराकर बात करने की जगह नहीं है

मशहूर शायर फ़राज़ साहब का ख़ानदानी ताल्लुक सूफी परंपरा से जुड़ता है और वह कोहाट के मशहूर संत हाजी बहादुर के वंशज है और उनका नाम भी है उसी तर्ज पर सैयद अहमद शाह। फ़राज़ की शख़्सियत को याद कर रहे हैं राकेश मिश्रा।

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