Sunday, 24 April 2016

ज़ुनूनी ख्वाहिशें


   ख्वाहिशें हथेली पर लेकर घुमे हो कभी,
हर पल ज़ुनून की आग में जलना होता है,
आँखों से नींद का रिश्ता टूटा है कभी,
रात भर सपनों को जीना होता है,
कोई सुन ना ले, कि पगली कहेगा,
और ज़माने ने कुछ किया है कभी...!!!
-DJ Paridhi

3 comments: